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ग्राह्यता के कारण हिंदी हो रही समृद्ध, आईआईएम में हिंदी पखवाडा
इंदौर. भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर में हिंदी पखवाड़ा समारोह मनाया गया. इस दौरान संस्थान समुदाय के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं जैसे अंत्याक्षरी,प्रश्न मंच एवं हिंदी गीत गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में आईआईएम इंदौर समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया.
हिंदी पखवाड़ा समापन, हिंदी पत्रिका ज्ञान शिखर का विमोचन एवं पुरस्कार वितरण समारोह प्रो. कमल किशोर जैन की अध्यक्षता में आयोजित किया गया. इस अवसर पर इंदौर के प्रसिद्ध कवि एवं लेखक श्री अमन अक्षर एवं श्री पियूष मिश्रा को काव्य पाठ प्रस्तुति हेतु आमंत्रित किया गया.
कवियों अपने कविता पाठ से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया. इस अवसर पर पखवाड़ा के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया. राजभाषा अधिकारी श्री जयनाथ यादव ने गणमान्य अतिथियों का परिचय प्रस्तुत करते हुए संस्थान में राजभाषा के प्रगामी प्रयोग की संक्षिप्त जानकारी साझा की.
कार्यक्रम का संचालन श्री राजेश श्रीवास्तव ने किया. डीन अकादमिक, प्रो. के.के. जैन ने हिंदी भाषा की सरलता एवं सहजता पर प्रकाश डालते हुए इसका महत्व बताते हुए कहा कि हिंदी भाषा अपनी ग्राह्यता के कारण प्रतिदिन समृद्ध हो रही है.
उन्होंने कहा कि जब तक हम हिंदी के महान लेखकों एवं कवियों को नहीं पढ़ते, तब तक इस भाषा के महान अलंकरण को नहीं समझ सकेंगे. उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभ कामनाएँ दी. अन्य गणमान्य उपस्थित अतिथियों में मुख्य प्रशामनिक अधिकारी कर्नल गुरूराज गोपीनाथ पामिडि, प्रोफेसर सिद्धार्थ रस्तोगी, प्रोफेसर अजय शर्मा आदि शामिल थे।


